मध्‍यप्रदेश

दरिंदगी की हद पार: तेंदुए को करंट देकर मार डाला, फिर टंगिया से काट लिए चारों पंजे

बालाघाट

 मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड लामता परियोजना मंडल बालाघाट के परियोजना परिक्षेत्र उकवा के बीट हिर्री में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यहां 22 अक्टूबर को नर तेंदुए और सियार का शव मिला था।

तेंदुए का शिकार करंट लगाकर किया गया था। करंट से उसका पूरा शरीर जल गया था और दांत बाहर आ गए थे। आरोपितों ने टंगिया से उसके चारों पैर काटकर नाखून और खाल निकाल लिए थे।

छह आरोपित 24 अक्टूबर को हिरासत में लिए गए थे

वन विभाग ने छह आरोपितों को 24 अक्टूबर को हिरासत में लेकर जेल भेजने की कार्रवाई की। मामले में वन विकास निगम लामता परियोजना के संभागीय प्रबंधक सुंदरम निवेदन एम ने परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी अजय कामड़े, डिप्टी रेंजर चुरन मड़ावी और बीटगार्ड अमर सिंह पंद्रे को नोटिस जारी किया है। उनसे तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।

23 अक्टूबर को हरे-भरे सागौन प्लांटेशन के बीच जलाया गया

तेंदुए के शव को 23 अक्टूबर को हरे-भरे सागौन प्लांटेशन के बीच जलाया गया। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं, जबकि शव को खुले और सुरक्षित स्थान पर जलाया जा सकता था। वन विभाग हर साल अक्टूबर में वन्यजीव सप्ताह मनाकर वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण का संदेश देता है। इस घटना ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में संरक्षण के दावों पर सवाल खड़े किए हैं।

कैमरा लगाकर शव को वहीं छोड़ दिया गया

बता दें कि वर्ष 2024 में परियोजना परिक्षेत्र लामता में बाघ शावक की मौत हुई थी। उसके अवशेष पाए गए थे और वन विभाग ने उन्हें देखा था। अगले दिन कैमरा लगाकर शव को वहीं छोड़ दिया गया। इसके बाद शरीर के कुछ ही अवशेष बचे थे। उस समय जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। क्षेत्र में अन्य वन्य प्राणियों की मौत के मामलों में भी कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है।

    तेंदुए की मौत के बाद रेंजर, डिप्टी रेंजर और बीटगार्ड को नोटिस जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि गश्त ठीक से होती है या नहीं और यदि होती है, तो तेंदुए की मौत कैसे हुई। तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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