राष्‍ट्रीय

UP New Cab Rules: यूपी में लागू हुए कैब के नए नियम, किराया, लाइसेंस और ड्राइवर पर सख्ती

लखनऊ
प्रदेशभर में एप आधारित वाहनों की एग्रीगेटर पालिसी प्रभावी हो गई। दैनिक जागरण ने गुरुवार के अंक में 'कंपनियां निरंकुश, कैब ड्राइवर बेलगाम' शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया, जिसका संज्ञान लेकर परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने विभाग की एग्रीगेटर पालिसी के पोर्टल upmyfleet.com को ऑनलाइन कर दिया।

पालिसी के तहत समूहक व वितरण सेवा प्रदाता को लाइसेंस पाने के लिए अब निर्धारित प्रारूप पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। पोर्टल पर ही ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित फीस भी जमा कर सकते हैं।

UP में कैब के नए नियम क्या हैं?
परिवहन मंत्री ने कहा कि सभी कार्यरत समूहकों को लाइसेंस पाने के लिए अविलंब आवेदन करना होगा। अब कोई नया समूहक बिना लाइसेंस लिए सेवा प्रदाता के रूप में कार्य नहीं कर सकेगा। ऑनलाइन आवेदनों पर प्राधिकरण निर्णय लेगा।

पालिसी में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एनसीआर क्षेत्र में पोर्टल के माध्यम से निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। एग्रीगेटर की फ्लीट में इलेक्ट्रिक वाहनों को वरीयता दी जाए।

पालिसी में एग्रीगेटर के मनमाने किराया पर रोक लगाने के लिए निर्धारित बेस फेयर से अधिकतम 50 प्रतिशत ही किराया वृद्धि कर सकेंगे। यात्रियों के ट्रिप बुक कराने पर तय समय तक यात्री को पिकअप न करने की स्थिति में ड्राइवर पर 100 रुपये की पेनाल्टी की व्यवस्था है, इसका लाभ यात्री को अगली ट्रिप में मिलेगा। लाइसेंस की शर्तों व मोटर वाहन अधिनियम की व्यवस्था का उल्लंघन करने की स्थिति में पेनाल्टी लगेगी।

ये देनी होगी फीस
नियमावली के तहत आवेदन की फीस 25000 रुपये व लाइसेंस देने की फीस पांच लाख रुपये निर्धारित है। समूहक की 100 बसें या फिर 1000 अन्य मोटरयान पर 10 लाख रुपये, 1000 बसें या 10 हजार अन्य मोटरयान पर 25 लाख रुपये व 1000 से ज्यादा बसें या 10 हजार से ज्यादा अन्य मोटरयान पर 50 लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा करने का प्रविधान है।

कुरियर कंपनियों को भी कराना होगा पंजीकरण
नई पालिसी का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, इकोनामिक व सुलभ सेवा देने की व्यवस्था करना है। किसी उत्पाद को कुरियर, पैकेज, पार्सल करने के लिए डिजिटल या इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म से जोड़ने की सुविधा दी जा रही है।

इसकी भी व्यवस्था

  •     यात्रियों विशेष रूप से बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए लाइव ट्रैकिंग की व्यवस्था के साथ हर पंजीकृत ड्राइवर का चरित्र सत्यापन होगा।
  •     ड्राइवर का मनोवैज्ञानिक परीक्षण के साथ समय-समय पर रीफ्रेशर ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की गई है।
  •     यात्रियों की समस्याओं के निदान के लिए हर एग्रीगेटर द्वारा ग्रीवांस रिड्रेसल आफिसर की नियुक्ति की व्यवस्था होगी।
  •     यात्री के लिए बीमा, हर चालक के वेलफेयर के लिए पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा व 10 लाख के टर्म बीमा की व्यवस्था एग्रीगेटर करेगा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button