राष्‍ट्रीय

झारखंड में नए सरकारी कर्मियों को नियुक्ति से पहले लेनी होगी शपथ

रांची
झारखंड सरकार के अधीन नियुक्त होनेवाले सभी नये सरकारी सेवकों के लिए नया नियम बनाया गया है. उनको कार्यभार ग्रहण करने से पहले निष्ठा और गोपनीयता की शपथ लेना अनिवार्य होगा. उन्हें दहेज प्रथा का विरोध करने, नशाखोरी से दूर रहने और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाने का भी संकल्प लेना होगा. इस संबंध में कार्मिक विभाग ने संकल्प जारी कर नयी व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है. संकल्प के अनुसार सभी नव नियुक्त कर्मी पहले सामूहिक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में शपथ लेंगे. इसके बाद संबंधित कार्यालय में योगदान के समय अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष शपथ पत्र का वाचन करेंगे, उस पर हस्ताक्षर करेंगे और विभाग में जमा करेंगे. अब तक राज्य में नियुक्ति के समय ऐसी औपचारिक शपथ लेने का कोई प्रावधान नहीं था.

संविधान के प्रति निष्ठा और निष्पक्ष सेवा का लेना होगा संकल्प
शपथ पत्र में सरकारी सेवकों को भारत के संविधान के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं श्रद्धा रखने, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने तथा बिना किसी पक्षपात, अनुराग या द्वेष के लोकहित को सर्वोपरि मानकर कार्य करने का संकल्प लेना होगा. इसके अलावा सरकारी कार्यों से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं को सुरक्षित रखने और सेवा के दौरान ईमानदारी एवं निष्पक्षता बनाये रखने की भी शपथ दिलायी जायेगी.

राज्यपाल के आदेश पर जारी हुआ संकल्प
संकल्प का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष सामाजिक दायित्वों से जुड़ा है. नये सरकारी सेवकों को दहेज प्रथा का विरोध करने, बाल विवाह रोकने, नशाखोरी से दूर रहने, जातीय भेदभाव, लैंगिक असमानता और अस्पृश्यता जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सक्रिय रूप से काम करने का भी संकल्प लेना होगा. सरकार का मानना है कि इससे सरकारी कर्मियों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता बढ़ेगी और समाज में सकारात्मक संदेश जायेगा. कार्मिक सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से राज्यपाल के आदेश पर जारी इस संकल्प को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि इस पहल से सुशासन, प्रशासनिक अनुशासन और लोकसेवा की गुणवत्ता को और मजबूती मिलेगी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button