मध्‍यप्रदेश

EPFO का बड़ा फैसला, डिफाल्टर कंपनियों को ब्याज में राहत, कर्मचारियों को जल्द मिलेगा अटका PF

ग्वालियर.

एंप्लायीज प्राविडेंट फंड आर्गनाइजेशन ने भविष्य निधि अंशदान में कंपनियों की ओर से की गई देरी से जुड़े पुराने विवादों और मुकदमों के जल्द निपटारे के लिए एक बड़ी राहत दी है। श्रम मंत्रालय द्वारा शुरू की गई इस एकमुश्त विवाद समाधान योजना का नाम 'विश्वास 2026' रखा गया है।

इस योजना के लागू होने से ग्वालियर-चंबल अंचल की सैकड़ों डिफाल्टर कंपनियों, औद्योगिक इकाइयों और उनमें काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। ग्वालियर के क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आने वाले नियोक्ताओं के लिए यह स्कीम किसी बड़े अवसर से कम नहीं है। श्रम मंत्रालय के अनुसार, यह योजना 29 जून से प्रभावी कर दी गई है और आगामी छह महीनों तक लागू रहेगी।

कम ब्याज पर होगी गणना, कर्मचारियों को मिलेगा फंसा हुआ पैसा
अंचल के व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों के अनुसार, कई बार तकनीकी दिक्कतों या मंदी के चलते कंपनियां समय पर पीएफ जमा नहीं कर पाती हैं, जिससे उन पर भारी जुर्माना और कानूनी मुकदमे दर्ज हो जाते हैं। विश्वास 2026 स्कीम के तहत पीएफ जमा करने में देरी पर होने वाली क्षतिपूर्ति की गणना काफी कम ब्याज दरों पर की जाएगी। इससे नियोक्ताओं पर वित्तीय बोझ कम होगा और वे पुराने मामलों को बंद कर सकेंगे। कंपनियों को राहत मिलने का सीधा फायदा ग्वालियर के नौकरीपेशा वर्ग को होगा। कंपनियों के पास कानूनी विवादों के कारण फंसा हुआ कर्मचारियों के पीएफ का पैसा अब जल्द से जल्द उनके खातों में ट्रांसफर हो सकेगा।

योजना के दायरे में 4 कैटिगरी के विवादित मामले
ऐसे मामले जहां जुर्माने या क्षतिपूर्ति के आदेशों को कोर्ट या ट्रिब्यूनल में न्यायिक चुनौती दी गई हो।
अंतिम क्षतिपूर्ति या जुर्माने के आदेश जारी होने के बाद भी वसूली लंबित हो या आंशिक रूप से की गई हो। कंपनियों को विभाग की ओर से नोटिस तो जारी हो चुके हैं, लेकिन हर्जाने या जुर्माने के संबंध में अंतिम आदेश पारित नहीं हुए हैं। ऐसे मामले जहां जुर्माने अथवा क्षतिपूर्ति के नोटिस अभी जारी नहीं किए गए हैं।

रेहड़ी-पटरी और डिलीवरी बॉय के लिए भी आएगा नया पीएफ सिस्टम
इस योजना के अलावा, ईपीएफओ एक और क्रांतिकारी सिस्टम पर काम कर रहा है, जिससे ग्वालियर के असंगठित क्षेत्र के कामगारों का भविष्य सुरक्षित होगा। अब शहर के रेहड़ी-पटरी वाले, ठेला व्यवसायी, फैक्ट्री से बाहर काम करने वाले मजदूर, और गिंग वर्कर्स भी पीएफ के दायरे में आ सकेंगे। इस यूनिवर्सल प्रोविडेंट फंड स्कीम के तहत इन कामगारों को यह आजादी होगी कि वे अपनी मर्जी और सुविधानुसार रोजाना या सालाना आधार पर अपनी कमाई का एक हिस्सा पीएफ खाते में जमा कर सकेंगे।

कंपनियों, कर्मचारियों को राहत मिलेगी
इस योजना से कंपनियों को भी राहत मिलेगी और कर्मचारियों को भी। क्योंकि कंपनियों को भी व्याज में राहत मिलेगी। जिससे कर्मचारियों को अपने पीएफ की राशि सीधे खाते में मिलेगी। प्रयास है कि विवादित मामलों को जल्द से जल्द एक बार में ही हल कर दी जाए।
– सत्य वर्धन, आयुक्त, क्षेत्रीय भविष्य निधि संगठन ग्वालियर

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