राष्‍ट्रीय

एसजीपीजीआई में हॉस्टल-लाइब्रेरी सुधार की पहल, 31 अक्टूबर तक सुविधाएं होंगी बेहतर

लखनऊ
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) ने छात्र-छात्राओं के हॉस्टल और लाइब्रेरी की सुविधाओं में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। संस्थान के 30वें दीक्षांत समारोह में उत्तर Pradesh की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा उठाए गए मुद्दों के तुरंत बाद निदेशक प्रो. राधा कृष्ण धीमान ने एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन कर दिया है, जो अब समयबद्ध तरीके से इन सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटी है। कौन-कौन शामिल है टास्क फोर्स में

टास्क फोर्स के सदस्य
संस्थान के मुताबिक इस टास्क फोर्स में फैकल्टी सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर और छात्र प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं। यह टीम सभी हॉस्टलों और केंद्रीय लाइब्रेरी का बारीकी से निरीक्षण कर मौजूदा कमियों का आकलन करेगी, सुधार कार्यों की निगरानी करेगी और हर महीने निदेशक को इसकी प्रगति रिपोर्ट सौंपेगी।

वाई-फाई से लेकर मेस तक,हर सुविधा होगी दुरुस्त
योजना के तहत सभी हॉस्टलों में हाई-स्पीड इंटरनेट और बेहतर वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्रीय लाइब्रेरी में पुराने कंप्यूटर बदले जाएंगे और इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा सभी हॉस्टलों में वॉशिंग मशीन लगाई जाएंगी, मेस और डाइनिंग सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा तथा भोजन के सुरक्षित संरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाएगी। विजिटर रूम में भी वाई-फाई, आरामदायक बैठने की व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। छात्रों की जरूरतों के अनुसार अन्य सुविधाओं में भी सुधार किया जाएगा।

31 अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य
संस्थान ने इन सभी कार्यों को प्राथमिकता पर लेते हुए 31 अक्तूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमान का कहना है कि छात्रों को बेहतर आवासीय और अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकता है, और यह पहल छात्रों के सुझावों को गंभीरता से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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