राष्‍ट्रीय

होम लोन ईएमआई बढ़ाने पर उपभोक्ता आयोग सख्त, आधार हाउसिंग फाइनेंस को राहत राशि लौटाने का आदेश

 अलीगढ़
 होम लोन की ईएमआई और ऋण अवधि में बिना जानकारी बढ़ोतरी करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अलीगढ़ ने आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता ऋण राशि से अधिक भुगतान कर चुका है और कंपनी को अतिरिक्त जमा धनराशि ब्याज सहित लौटाने तथा ऋण खाते का अंतिम निस्तारण करने का निर्देश दिया है।संजय गांधी कालोनी निवासी दुर्गेश कुमार शर्मा ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।

उनका आरोप था कि वर्ष 2016 में आधार हाउसिंग फाइनेंस के अधिकारियों ने 10 से 11 प्रतिशत ब्याज दर और प्रधानमंत्री आवास योजना की सब्सिडी का लाभ मिलने की जानकारी देकर होम लोन दिलाया था। कंपनी ने कुल 7.75 लाख रुपये का ऋण वितरित किया, लेकिन बाद में उनकी जानकारी के बिना बीमा शुल्क जोड़ा गया और ऋण की शर्तों में बदलाव किए गए।

शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2022 में बिना सूचना ईएमआई 9,950 रुपये से बढ़ाकर 12,387 रुपये कर दी गई तथा ऋण अवधि 20 वर्ष से बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि आठ वर्षों में 10 लाख रुपये से अधिक जमा करने के बावजूद कंपनी उनके खाते में बड़ी बकाया राशि दर्शा रही थी।

मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से आरोपों का प्रभावी खंडन नहीं किया गया। आयोग ने पाया कि ऋण अवधि और ईएमआई में की गई बढ़ोतरी एकतरफा थी तथा शिकायतकर्ता ऋण राशि से अधिक भुगतान कर चुका है।

आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने 15 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में कंपनी को ऋण खाते का अंतिम निस्तारण करने, अतिरिक्त जमा राशि ब्याज सहित लौटाने, शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये वाद व्यय देने का आदेश दिया।

साथ ही निर्देश दिया गया कि 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन किया जाए, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button