राष्‍ट्रीय

दुमका में “एक पेड़ मां के नाम 3.0” अभियान, 1.57 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय

दुमका
पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से दुमका जिले में “एक पेड़ मां के नाम 3.0” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की तैयारी की गई है. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले के सरकारी, गैर सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कुल 1 लाख 57 हजार 625 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

पर्यावरण जागरूकता के लिए पौधरोपण अभियान
जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है. विद्यालय परिसर में उपलब्ध भूमि के अनुसार पौधरोपण किया जाएगा. जिन विद्यालयों में पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां विद्यार्थियों को अपने घर, सार्वजनिक स्थलों, सड़क किनारे अथवा अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

पौधों के संरक्षण पर भी जोर
अभियान के तहत सिर्फ पौधरोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है. विद्यालयों को पौधों की नियमित देखभाल, निगरानी और उनके जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही वृक्षारोपण से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन निर्धारित समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है.

स्कूलों में पौधरोपण का लक्ष्य तय
जिले के प्राथमिक विद्यालयों को प्रति विद्यालय 50 पौधे, मध्य विद्यालयों को 75 पौधे और उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को 100 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है. जिले के कुल 2558 विद्यालयों में यह अभियान चलाया जाएगा. प्रखंडवार लक्ष्य की बात करें तो दुमका में 21,900, जामा में 16,500, जरमुंडी में 18,725, रानीश्वर में 18,375 तथा शिकारीपाड़ा में 17,425 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है.

अभियान में सबकी भागीदारी जरूरी
शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों, विद्यालय प्रधानों, सीआरपी-बीआरपी और स्थानीय समुदाय से अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है. विभाग का मानना है कि जनसहभागिता के माध्यम से यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button