राष्‍ट्रीय

झारखंड-बंगाल सीमा पर सामान्य हालात, अफवाहों का किया गया खंडन

साहिबगंज

 पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचलों के बीच झारखंड-बंगाल सीमा पर सुरक्षा और आम जनजीवन को लेकर चल रही तरह-तरह की चर्चाओं के बीच जमीनी हकीकत पूरी तरह सामान्य है. प्रभात खबर की टीम ने साहिबगंज और पाकुड़ जिले से सटे बरहरवा, राजमहल और पाकुड़ के सीमावर्ती इलाकों में ‘ग्राउंड जीरो’ पर जाकर वास्तविक हालातों की पड़ताल की, जिसमें बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और रोजमर्रा की तरह पाई गई.

नाव, ट्रेन और बसों से सामान्य आवाजाही
ग्राउंड जीरो पड़ताल के दौरान पाया गया कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आम लोगों और वाहनों का आवागमन सामान्य दिनों की तरह ही जारी है. बरहरवा रेल रूट, राजमहल गंगा घाट और पाकुड़ से जुड़े विभिन्न सड़क मार्गों पर यात्रियों को किसी भी तरह की अतिरिक्त रोक-टोक या विशेष सघन जांच अभियान जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ रहा है. सीमावर्ती हाट-बाजारों में भी व्यापारिक गतिविधियां नियमित रूप से चल रही हैं और नदी मार्ग से नावों के जरिए लोग सामान्य रूप से आ-जा रहे हैं. हालांकि स्थानीय पुलिस की सामान्य गश्त जरूर देखने को मिली, लेकिन बॉर्डर को लेकर किसी विशेष पाबंदी जैसी कोई तस्वीर नहीं है.

बंगाल से दुकानदारों के पलायन की चर्चा महज अफवाह
ज्ञात हो कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के हावड़ा सहित अन्य शहरी इलाकों में सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी. इसके बाद से यह चर्चा तेज थी कि वहां से उजाड़े गए बड़ी संख्या में फुटपाथी दुकानदार और अन्य लोग झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं. लेकिन प्रभात खबर की इस ग्राउंड रिपोर्टिंग में इन दावों की किसी भी स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है. साहिबगंज और पाकुड़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी कोई असामान्य या बड़े पैमाने पर आवाजाही नहीं देखी गई है और न ही स्थानीय प्रशासन या क्षेत्रीय सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है, जिससे साफ है कि यह चर्चा महज एक अटकलें और अफवाह है.

भारत-बांग्लादेश से सटे मालदा बॉर्डर पर बीएसएफ का कड़ा पहरा
झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर जहां सामान्य स्थिति है, वहीं दूसरी ओर भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सुरक्षा बेहद सख्त दिखी. सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गतिविधियां पहले की तुलना में काफी सक्रिय हो चुकी हैं. महदीपुर, कालियाचक और वैष्णवनगर जैसे बेहद संवेदनशील और नदी-खेतों से जुड़े ओपन बॉर्डर वाले इलाकों में बीएसएफ द्वारा गश्त और चौकसी काफी बढ़ा दी गई है. खासकर रात के वक्त फ्लडलाइट और आधुनिक सर्विलांस उपकरणों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है.

प्रशासन की अफवाहों से बचने की अपील
मालदा के गुलाबगंज जीरो पॉइंट पर भी फिलहाल सुरक्षात्मक सतर्कता के बीच गतिविधियां सामान्य हैं, जहां भारतीय परिवार अपने वैध पहचान पत्र दिखाकर रोजाना की तरह आ-जा रहे हैं. इस पूरी स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों के जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से चलने वाली किसी भी अपुष्ट खबर और अफवाह पर ध्यान न दें. झारखंड-बंगाल अंतरराज्यीय सीमा पर पूरी तरह शांति और सामान्य माहौल है, जबकि देश की सुरक्षा के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ पूरी तरह अलर्ट मोड में काम कर रही है.

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