सिमडेगा की संतोषी ने बढ़ाया झारखंड का मान, पीएम मोदी से किया संवाद

सिमडेगा
झारखंड के सिमडेगा जिले की बेटी संतोषी कुमारी आज नारी शक्ति की एक सशक्त पहचान बनकर उभरी हैं. जलडेगा क्षेत्र से आने वाली संतोषी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा सिमडेगा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है. संतोषी का चयन “नारी शक्ति विकसित भारत की आवाज” कार्यक्रम के तहत आयोजित वूमेन मॉक यूथ पार्लियामेंट और भारत बजट क्वेस्ट 2026-27 के लिए हुआ, जिसमें उन्होंने झारखंड का नेतृत्व किया. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वर्चुअल संवाद किया. यह मंच युवाओं को नीति निर्माण, बजट और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान करता है.
शिक्षा के साथ सपनों की उड़ान
संतोषी कुमारी सिमडेगा महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की छात्रा हैं और अपने पिता सुरजीत साहू की प्रेरणा से लगातार आगे बढ़ रही हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखा. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया है, जहां से वे पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रभावशाली वक्तव्य
कार्यक्रम के दौरान संतोषी कुमारी ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पर अपने विचार बेहद प्रभावशाली तरीके से रखे. उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल महिलाओं के प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास की नई दिशा को दर्शाता है. उनके विचारों ने वहां मौजूद सभी प्रतिभागियों और निर्णायकों को प्रभावित किया.
प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल संवाद का अवसर
इस आयोजन का एक खास आकर्षण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल संवाद रहा. संतोषी कुमारी को इस संवाद में भाग लेने का अवसर मिला, जहां उन्होंने अपने विचार साझा किए. यह अनुभव उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा और उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई मिली.
महिलाओं की भूमिका पर दिया मजबूत संदेश
अपने संबोधन में संतोषी ने कहा कि आज की महिलाएं सशक्त बनने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि वे खुद बदलाव की अगुवाई कर रही हैं. उन्होंने इसे “शांत क्रांति” का नाम देते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं. लोकतंत्र की असली पहचान तब होती है, जब वह सभी वर्गों को समान अवसर देता है.
जिले के लिए गर्व और युवाओं के लिए प्रेरणा
संतोषी कुमारी की इस उपलब्धि से सिमडेगा जिले में खुशी का माहौल है. स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने उनकी सफलता की सराहना की है. उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है.
पहले भी दिखा चुकी हैं अपनी प्रतिभा
यह पहली बार नहीं है जब संतोषी ने अपने जिले का नाम रोशन किया है. इससे पहले भी वे कई मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं. उनकी लगातार उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि वे भविष्य में और भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं.
भविष्य की उम्मीद और प्रेरणादायक कहानी
संतोषी कुमारी की सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए यह संदेश है कि मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर वे भी बड़े सपनों को साकार कर सकती हैं. उनकी कहानी आने वाली पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है.



