लाइफस्टाइल

आधार फ्रॉड से बचना है तो आज ही बनाएं वर्चुअल आईडी, सुरक्षित रहेगा आपका बैंक खाता और निजी डेटा

क्या आपको भी डर है कि तमाम जगहों पर आधार नंबर शेयर करने की वजह से आपके साथ आधार से जुड़ा किसी तरह का फ्रॉड हो सकता है? दरअसल इस तरह की खबरे आए दिन आती रहती हैं, जहां लोगों के आधार नंबर का गलत फायदा उठाते हुए उनके बैंक अकाउंट खाली कर दिए जाते हैं। हालांकि आप इस तरह के खतरे को लगभग खत्म कर सकते हैं, अगर आप अपने आधार नंबर के लिए VID बना लें। VID यानी कि वर्चुअल आईडी एक 16 नंबर की पहचान होती है, जिसे आप आधार नंबर शेयर करने की जगह पर साझा कर सकते हैं।

इससे आपका आधार नंबर लीक होने और उसका गलत इस्तेमाल होने की संभावना न के बराबर रह जाती है। गौर करने वाली बात है कि आधार के लिए VID को जेनरेट करना भी काफी आसान है और आप इसे अपने फोन पर भी कर सकते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर यह वर्चुअल आईडी काम कैसे करती है और आधार नंबर से यह कैसे और कितनी अलग है?

क्या है VID?
VID यानी कि वर्चुअल आईडी को आप आधार नंबर का एक डिजिटल सुरक्षा कवच मान सकते हैं। यह एक 16 नंबरों की अस्थायी संख्या होती है। इसका काम आपके असल आधार नंबर को सुरक्षित रखना होता है। इसे आप आधार वेरिफिकेशन के लिए जेनरेट कर सकते हैं और जितनी बार चाहें बदल सकते हैं। ऐसे में जिन जगहों पर आधार की जरूरत पड़ती है, वहां आपका आधार नंबर शेयर न होकर अलग-अलग 16 अंकों के अस्थायी नंबर शेयर होते हैं। इससे आपके साथ आधार के जरिए होने वाले किसी भी तरह के फ्रॉड का कोई चांस नहीं रहता।

कैसे काम करता है VID?
VID एक बार इस्तेमाल होने वाला मास्क नंबर होता है। इसका काम आपके असली आधार नंबर को छिपाकर, आधार से जुड़े आपके काम करवाना होता है। जब आप किसी संस्थान जैसे कि बैंक या सिम कार्ड स्टोर आदि को अपनी VID देते हैं, तो आपका आधार ऑथेंटिकेशन तो हो जाता है लेकिन संस्थान के पास आपका आधार नंबर नहीं पहुंचता।

UIDAI का सर्वर आपके द्वारा शेयर की गई VID को आपके आधार नंबर से लिंक करके पहचानता है और एजेंसी को सिर्फ यह कन्फर्म करता है कि आपकी पहचान सही है।

VID की खासियत क्या है?
VID की सबसे बड़ी खासियत है कि यह अस्थायी होता है और आप जितने चाहें उतने VID जेनरेट कर सकते हैं। जैसे ही आप नया VID बनाएंगे, पुराना वाला अपने आप रद्द हो जाएगा। ऐसे में आपकी VID भले लीक हो जाए, लेकिन वह किसी काम की नहीं रहती।

इसकी दूसरी खासियत है कि VID के जरिए वेरिफिकेशन करने पर सामने वाली संस्था को सिर्फ उतनी ही जानकारी मिलती है, जितनी सामने वाले के साथ शेयर करना जरूरी होती है। वहीं अगर आप आधार कार्ड को शेयर करते हैं, तो आपके कार्ड पर मौजूद सारी जानकारी सामने वाले के साथ शेयर होती है।

कैसे जेनरेट करें VID?
    VID जेनरेट करने के लिए आपको सबसे पहले https://myaadhaar.uidai.gov.in/ पर जाएं और अपने आधार नंबर की मदद से लॉग-इन करें।
    इसके बाद Dashboard पर Generate Virtual ID पर क्लिक करें।
    अब दो ऑप्शन में से Generate ID पर क्लिक करें
    इसके बाद आपकी VID आपको दिखने लगेगी और साथ ही रजिस्टर्ड नंबर पर भी भेज दी जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button