शिक्षक भर्ती से चपरासी परीक्षा तक मचा बवाल, आयोगों ने स्थगित किए एग्जाम, बिहार में नौकरियों के लिए बढ़ता इंतज़ार

बिहार में सरकारी और शैक्षिक परीक्षाओं को लेकर पिछले कुछ समय में अक्सर विवाद, अफवाह और असमान स्थितियां सामने आई हैं, जिनके कारण परीक्षाओं को रद्द या स्थगित करना पड़ा है. इन घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी और करियर प्लानिंग को प्रभावित किया है और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कुछ परीक्षाओं में तकनीकी खामियों, प्रश्नपत्र लीक या प्रशासनिक गड़बड़ी के कारण ऐसे कदम उठाएं गए हैं. इससे हजारों अभ्यर्थियों में नाराजगी और असमंजस फैल गया. ऐसे में चलिए जानते हैं कि कौन-कौन से परीक्षा में बवाल मचा है और उसे बाद में रद्द कर दिया गया है.
बिहार सिविल कोर्ट चपरासी परीक्षा- रद्द
बिहार सिविल कोर्ट में चपरासी (Attendant/Peon) के 1673 पदों के लिए आयोजित प्रीलिम्स परीक्षा (15 मार्च 2026) बाद में रद्द कर दी गई. यह आश्चर्यजनक कदम अभ्यर्थियों के लिए चिंता का विषय बन गया, क्योंकि परिणाम प्रक्रिया भी रोक दी गई है और अभी तक कोई नई तारीख का ऐलान नहीं किया गया है. परीक्षा का आयोजित होने के बाद ही रद्द कर दी गई है जिसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया है.
BPSC AEDO परीक्षा- स्थगित
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित असिसटेंट इकोनॉमिक डेवलपमेंट ऑफिसर (AEDO) परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. यह भर्ती BPSC की नियमित भर्तियों में से एक थी, लेकिन प्रारंभिक शेड्यूल में बदलाव के कारण इसे फिलहाल के लिए रोक दिया गया है. आयोग ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर कहा है कि परीक्षा को स्थगित किया गया है और नई तारीख बाद में बताई जाएगी.
BPSC TRE‑3 शिक्षक भर्ती -पेपर लीक के कारण रद्द
बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की TRE‑3 (Teacher Recruitment Examination Phase‑3) परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक की वजह से रद्द कर दिया गया था. कथित तौर पर कुछ जगहों पर परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र बाहर पहुंच गया था, जिसने आयोग को परीक्षा रद्द करना पड़ा. उम्मीदवारों के लिए यह एक बड़ा झटका था क्योंकि वे तैयारी कर चुके थे, लेकिन परीक्षा परिणाम और आगे की प्रक्रिया दोनों रोक दी गईं.
CTET के कुछ सेंटरों पर परीक्षा रद्द
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 के दौरान बिहार के कुछ केंद्रों पर परीक्षा रद्द कर दी गई है. CBSE द्वारा आयोजित CTET (7–8 फरवरी 2026) में वैशाली जिले के 2 सेंटरों पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी. इन केंद्रों के लिए री‑एग्जाम 15 दिनों के भीतर आयोजित करने की घोषणा की गई थी.



