राष्‍ट्रीय

‘सनातन अनंत है’ : कंगना रनौत ने बताया धर्म का असली अर्थ

मुंबई
 बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने हाल ही में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। समिति के अनुसार, केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत कई मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश को वर्जित किया जाएगा। अब केवल वही गैर-हिंदू मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे, जो प्रवेश से पहले सनातन धर्म में आस्था का औपचारिक शपथ पत्र जमा करते हैं, जिससे मंदिर में दर्शन की अनुमति मिलेगी। फैसले को लेकर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उदाहरण देते हुए अभिनेत्री सारा अली खान का नाम जोड़ा। उन्होंने कहा कि अगर सारा अली खान जैसी हस्ती भी केदारनाथ आती हैं, सनातन में अपनी आस्था जताती हैं और अगर एफिडेविट देती हैं, तो उन्हें दर्शन से नहीं रोका जाएगा। अभिनेत्री अक्सर केदारनाथ के दर्शन के लिए जाती रहती हैं। साल 2018 में उन्हें अपनी पहली फिल्म 'केदारनाथ' की शूटिंग के दौरान इस स्थान से विशेष लगाव हो गया था।

बुधवार को भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने संसद परिसर आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सारा को यह कहने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि वे भी सनातन धर्म में विश्वास रखती हैं और अगर बद्रीनाथ और केदारनाथ में दर्शन करना चाहती हैं, तो वे लिखित रूप में दें। यहां पर सभी लोग सनातनी हैं, क्योंकि जन्म से ही हम इस परंपरा से जुड़े हुए हैं।

'सनातन' का अर्थ है, जिसका न कोई आदि है और न ही अंत। कंगना ने आगे कहा कि सारे अन्य धर्म कुछ ही साल पुराने हैं, लेकिन सनातन ही सत्य है और अनादि-अनंत है, तो मुझे लगता है कि सारा को शपथ पत्र देने में कोई घबराहट नहीं होनी चाहिए। अभिनेत्री ने आगे लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का संसद में व्यवहार अमर्यादित है। कंगना ने कहा, "वे तू-तड़ाक करके बोलते हैं। अगर कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो अनुचित शब्द इस्तेमाल करते हैं, जो बहुत अनकम्फर्टेबल फील करवाते हैं।"

संसद पहुंचा 'सरके चुनर तेरी' सॉन्ग विवाद, अश्विनी वैष्णव बोले- गाने पर लगाया बैन
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि नोरा फतेही के विवादित गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' पर बैन लगा दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी उचित पाबंदियों के दायरे में ही होनी चाहिए, जो समाज और संस्कृति का सम्मान करती हों।

लोकसभा में बोलते हुए वैष्णव ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी पूरी तरह से असीमित नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, 'इस गाने पर बैन लगा दिया गया है। हमें बोलने की आजादी के तहत तय की गई उचित पाबंदियों के हिसाब से ही काम करना चाहिए। बोलने की आजादी पूरी तरह से असीमित नहीं हो सकती; इसे समाज और संस्कृति के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।' दरअसल, यह मुद्दा निचले सदन में समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने उठाया था। उन्होंने सरकार से इस विवादित गाने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था।
 
क्या है गाने पर विवाद?
इस गाने में एक्ट्रेस नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। यह गाना आने वाली कन्नड़ फिल्म 'केडी: द डेविल' का है। ऑनलाइन रिलीज होते ही यह गाना एक बड़े विवाद में घिर गया था। कई दर्शकों ने इसके लिरिक्स को अब तक का सबसे अश्लील और इसके सीन को काफी सेक्शुअल बताते हुए इस पर आपत्ति जताई।

इस गाने का हिंदी वर्जन इसी हफ्ते की शुरुआत में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था। गाने पर विरोध तेज होने पर इसे बाद में हटा दिया गया। हालांकि  कन्नड़, मलयालम, तेलुगु और तमिल भाषाओं वाले वर्जन अभी भी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। यह फिल्म 30 अप्रैल को रिलीज होने वाली है और ये एक पैन इंडिया रिलीज है। इस गाने के ओरिजिनल लिरिक्स कन्नड़ भाषा में फिल्म के डायरेक्टर प्रेम ने लिखे थे। हिंदी वर्जन के गीतकार रकीब आलम ने इस विवाद से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने तो बस ओरिजिनल बोलों को ट्रांसलेट किया था।

 

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