राष्‍ट्रीय

बिहार के राजस्व दफ्तरों में दलाली पर सख्ती, शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर जारी

पटना.

बिहार में जमीन की रसीद कटाने, दाखिल-खारिज या परिमार्जन के नाम पर दलालों और मुंशियों के आगे-पीछे घूमने के दिन अब लद गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘रूल ऑफ लॉ’ का ऐसा शिकंजा कसा है, जिससे बिचौलियों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है. अब दफ्तरों के बाहर मंडराने वाले दलालों पर सिर्फ जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत सीधे एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा.

बिचौलिया दिखा तो नपेंगे अंचलाधिकारी और कर्मचारी
नई व्यवस्था के तहत, यदि किसी अंचल कार्यालय या राजस्व दफ्तर के परिसर में दलाल सक्रिय पाए जाते हैं, तो सिर्फ बाहरी व्यक्ति ही नहीं, बल्कि वहां के अंचलाधिकारी (CO) और संबंधित कर्मचारियों को भी जवाब-तलब किया जाएगा. विभाग का मानना है कि दलालों की हिम्मत तभी बढ़ती है जब उन्हें भीतर से मौन समर्थन मिलता है. अब जवाबदेही तय होने से सरकारी बाबू दलालों को संरक्षण देने से कतराएंगे, जिससे भ्रष्टाचार की जड़ों पर सीधा चोट होगी.

फर्जीवाड़े का अंत
दाखिल-खारिज और एलपीसी (LPC) जैसे कामों के लिए अक्सर आम लोग जल्दी के चक्कर में मुंशियों के झांसे में आ जाते हैं. कई बार पैसे देने के बाद भी फर्जी कागजात थमा दिए जाते हैं या काम ही नहीं होता. इसी ठगी और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार ने डिजिटल और कानूनी दोनों मोर्चों पर घेराबंदी की है. विभाग ने साफ लहजे में अपील की है कि किसी भी राजस्व सेवा के लिए किसी तीसरे व्यक्ति की जरूरत नहीं है. जनता की मेहनत की कमाई डकारने वाले इन दलालों को अब सीधे न्यायिक और आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

जारी हुआ टोल फ्री नंबर
सरकार ने जनता को सबसे बड़ा हथियार देते हुए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. अब आपको किसी दलाल से बहस करने की जरूरत नहीं है, बस अपने फोन से 18003456215 डायल करें. यह टोल फ्री नंबर सीधे उच्चाधिकारियों से जुड़ता है, जहां आप दलाली, काम में देरी या रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा बिहार सरकार के जन शिकायत पोर्टल पर भी लिखित शिकायत की सुविधा दी गई है. यह कदम आम नागरिकों को बिना किसी खौफ के सरकारी सेवाएं प्राप्त करने का साहस देगा.

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