अंतर्राष्ट्रीय

हफ्तेभर के युद्ध में ही हिली दुनिया, ईरान संकट के बीच उछले कच्चे तेल के दाम

तेहरान.

ईरान और अमेरिका-इजरायल के युद्ध को आज एक सप्ताह पूरा हो रहा है। एक सप्ताह में ही इस युद्ध का असर पूरी दुनिया में पड़ा है। एक तरफ यूरोप से लेकर एशिया तक की अर्थव्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं तो दूसरी ओर खाड़ी देशों में हमले भी खूब हुए हैं जिनमें जान और माल दोनों का नुकसान हुआ है। खाड़ी देशों में फंसे पर्यटक अब भी संकट का सामना कर रहे हैं। ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले किए थे जिनमें ईरान के सर्वोच्चा नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे।

संघर्ष बढ़ता ही जा रहा
इस सैन्य हमले के बाद ईरान ने मुख्य रूप से इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन तथा सऊदी अरब समेत कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले किए। पिछले तीन दिनों में दोनों पक्षों की ओर से हमलों और जवाबी हमलों के बीच यह संघर्ष काफी बढ़ गया है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
युद्ध के सातवें दिन शुक्रवार को भी इजरायल के लड़ाकू विमान मंडराते रहे। समंदर में हजारों तेल के जहाज फंसे हुए हैं। इनमें 36 जहाज भारत के भी हैं। ऐसे में तेल की आपूर्ति में बड़ी बाधा उत्पन्न हुई है। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी कि यह युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने पर तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। शुक्रवार को अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत दो वर्षों में पहली बार 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई।

तेहरान में तेज हो गए हमले
ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार तड़के कई विस्फोट हुए, जिनसे आसमान में काले धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल की ओर मिसाइलें दागीं। इस बीच अमेरिका ने चेतावनी दी कि जल्द ही बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान शुरू किया जा सकता है, जिसे अधिकारी सप्ताह भर से जारी संघर्ष का अब तक का सबसे तीव्र हमला बता रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप सख्त
क्षेत्र में लड़ाई खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इज़राइल को 15.1 करोड़ डॉलर के नए हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के ''बिना शर्त आत्मसमर्पण'' करने तक उससे कोई बातचीत नहीं होगी। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए ''हर जरूरी कदम'' उठाएगा। एक वीडियो फुटेज में पश्चिमी तेहरान के ऊपर विस्फोटों से धुएं के गुबार दिखाई दिए, जबकि इजराइल ने कहा कि उसने व्यापक हमलों का नया दौर शुरू किया है। इजराइली सेना ने कहा कि वह ईरान से दागी गई नयी मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रही है। ईरान के हमलों के बाद बहरीन में शनिवार सुबह सायरन बजे। सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपने विशाल शायबह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे ड्रोन नष्ट कर दिए और प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया। इस बीच अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के अनुसार, रूस ने ईरान को ऐसी जानकारी दी है जिससे वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों, विमानों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात कर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर संवेदना जताई।

ईरान में 1200 से ज्यादा मौतें
इस संघर्ष में अब तक ईरान में कम से कम 1,230 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान में 200 से अधिक और इजराइल में करीब 12 लोग मारे गए हैं। छह अमेरिकी सैनिक भी इस संघर्ष में जान गंवा चुके हैं। ईरान के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ''कुछ देशों'' ने मध्यस्थता के प्रयास शुरू कर दिए हैं, लेकिन उन्होंने इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया।

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