मध्‍यप्रदेश

एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब पर पोस्ट बजट वेबिनार 9 मार्च को

भोपाल

एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र के विकास तथा ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 9 मार्च 2026 को “ऑरेंज इकोनॉमी के लिए एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब” विषय पर राष्ट्रीय स्तर का पोस्ट बजट वेबिनार आयोजित किया जाएगा। वेबिनार का आयोजन भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग और नीति आयोग के समन्वय से केंद्रीय बजट 2026-27 में ऑरेंज इकोनॉमी के लिए आवंटन: स्कूलों और कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब विषय पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जा रहा है। इस सत्र में संबंधित मंत्रालयों के मंत्री भागीदारी करेंगे।

वेबिनार को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी विशेष संबोधन देंगे और एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब की अवधारणा पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा देश के 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की पहल की गई है। विद्यार्थियों में रचनात्मक और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

वेबिनार को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, सूचना एवं प्रसारण मंत्री  अश्विनी वैष्णव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री  धर्मेन्द्र प्रधान तथा राज्य मंत्री (योजना)  राव इन्द्रजीत सिंह भी संबोधित करेंगे।

वेबिनार के उद्घाटन सत्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव  संजय जाजू, सचिव उच्च शिक्षा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीति आयोग, सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सचिव उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन तथा सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम में “एवीजीसी कॉन्टेंट क्रिएटर लैब इन स्कूल्स एंड कॉलेजेज” विषय पर ब्रेक आउट सत्र भी आयोजित होगा। इस सत्र में व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल के वीपी एवं सीटीओ  चैतन्य चिंचलीकर मॉडरेटर की भूमिका निभाएंगे। पैनल में  दीपक साहू (अतिरिक्त सचिव, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग), डॉ. आशीष कुलकर्णी (चेयरमैन, फिक्की एवीजीसी फोरम),  राजन नवानी (ग्रुप सीईओ, जेटसिंथेसिस), सु सोनम भगत (सीईओ, वाइग्र) तथा सु रीथ गुप्ता (आईआईसीटी छात्रा) शामिल रहेंगी। इसके साथ ही  मुंजाल श्रॉफ (ग्राफिटी मल्टीमीडिया),  बीरेन घोष (टेक्नीकलर ग्रुप),  मानवेन्द्र शुक्ल (लक्ष्य डिजिटल) तथा सु प्रतिवा मोहपात्रा भी सत्र में अपने विचार रखेंगे। एक अन्य सत्र की शुरुआत उच्च शिक्षा विभाग के सचिव  विनीत जोशी द्वारा की जाएगी। इसमें  चंद्रजीत बैनर्जी (डीजी, कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री),  प्रताप बोस (एनआईडी एलुमनस, महिंद्रा एंड महिंद्रा ऑटोमोबाइल), प्रो. गोविंदन रंगराजन (निदेशक, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु), प्रो. शुचि सिन्हा (एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी दिल्ली), प्रो. अन्नपूर्णी सुब्रमणियम (निदेशक, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स) तथा डॉ. अनुपमा खन्ना (सीनियर ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट, एनआइईपीआइडी रीजनल सेंटर, नोएडा) अपने विचार रखेंगे।

यह वेबिनार देश में रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने, युवाओं को नई डिजिटल और क्रिएटिव स्किल से जोड़ने तथा एवीजीसी क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वेबिनार में विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत तथा एवीजीसी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और हितधारकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

केंद्रीय बजट में देशभर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एव्हीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिसमें आईआईसीटी राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी होगी। इस पहल का उद्देश्य औपचारिक शिक्षा प्रणाली में रचनात्मक और डिजिटल कौशल को शामिल करना तथा भारत की ऑरेंज इकोनॉमी को सशक्त बनाना है।

प्रदेश के सम्बंधित विभागों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, स्कूलों और संबंधित संस्थानों से आग्रह किया गया है कि वे अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करें। साथ ही प्रतिक्रिया और सुझाव claygo@gov.in पर भेज सकेंगे ताकि आवश्यक आँकड़ों का संकलन किया जा सके। उल्लेखनीय है कि एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) क्षेत्र को केंद्रीय बजट 2022-23 में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक नीति प्राथमिकता के रूप में मान्यता दी गई थी। इसके तहत घरेलू क्षमता निर्माण और वैश्विक बाज़ारों की सेवा के लिए AVGC टास्क फोर्स का गठन किया गया।

वेबिनार में मानव संसाधन और क्षमता संबंधी विषयों पर चर्चा की जाएगी. एनीमेशन, गेमिंग, VFX और XR जैसे क्षेत्रों में उद्योग अनुभव वाले प्रशिक्षित शिक्षकों की संख्या बढ़ाने, फैकल्टी डेवलपमेंट, उद्योग विशेषज्ञों को शिक्षा संस्थानों को मज़बूत करने विषयों पर चर्चा होगी।

उल्लेखनीय हैं कि पिछले दशक में देश में AVGC-XR पारिस्थितिकी तंत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। AVGC-XR क्षेत्र को राष्ट्रीय रणनीतिक विकास क्षेत्र के रूप में मान्यता मिली। टास्क फोर्स का गठन और राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया गया है। राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र – IICT की स्थापना और WAVES जैसे वैश्विक मंचों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा मिला। डिजिटल कंटेंट, क्रिएटर इकोनॉमी और स्टार्टअप गतिविधियों में वृद्धि हुई। 

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